एड्स कैसे होता है? (Aids Full Information in Hindi)

आज हम एक ऐसी Disease के बारे में बात करने वाले हैं जिसका नाम World की सबसे Dangerous disease में आता है जिसकी वजह से अब तक लाखों लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा और जिसका Treatment हमारे पास आज भी नहीं है। उस Disease का नाम है Aids. आज हम Aids के बारे में ही बात करने वाले हैं जैसे एड्स क्या है? एड्स कैसे होता है? यह कैसे फैलता है? और भी बहुत कुछ।

साथ ही साथ हम Aids की बीमारी से जुड़े ऐसे भी सवालों के जवाब जानने की कोशिश करेंगे जो अक्सर आपके दिमाग में आते ही रहते हैं लेकिन कभी भी आपको उन सवालों का ठीक ठीक जवाब नहीं मिलते। लेकिन इन सभी सवालों के जवाब जानने से पहले आपको Aids के बारे में कुछ Basic Information होना जरुरी है जैसा की हमने नीचे बताया है।

AIDS-Basic Information

  1. Name of Disease- AIDS
  2. Name in Hindi- एड्स
  3. Full Name- Acquired Immunodeficiency Syndrome
  4. Full Name in Hindi- उपार्जित प्रतिरक्षा न्यूनता संलक्षण
  5. Cause- Virus
  6. Virus Name- HIV
  7. Full Name of Virus- Human Immune Deficiency Virus
  8. World Aids Day- 1 December

Aids-History

AIDS Disease का सबसे पहला case 1981 में America में चला, वही जब इंडिया की बात की जाय तो 1986 में चेन्नई Aids का पहला केस सामने आया। Starting में Aids के बारे में लोगों को ज्यादा जानकारी नहीं थी जिसकी वजह से Aids काफी तेज़ी से फैला और आज Aids पूरे world में फ़ैल चुका है।

एड्स कैसे होता है?

किसी भी इंसान में aids होने के बहुत से तरीके हो सकते हैं। लेकिन aids होने का एक ही important cause है, और वह है body के fluid या liquid का transfusion। हम easy Words में हम कह सकते हैं की यदि किसी भी तरीके से infected person का blood या body का कोई और liquid एक healthy person के blood के contact में आता है तो उसकी Body में भी aids के virus Easily जा सकते हैं।

किसी भी Healthy person की body में जब aids का वायरस enter कर जाता है तब वह इंसान भी aids infected कहलाने लगता है। नीचे हमने कुछ ऐसे कारणों के बारे में बताया है जिससे HIV Virus एक Person से दूसरे Person में जा सकता है।

  1. Blood:- किसी भी तरीके से यदि एक HIV Infected इंसान का Blood किसी Healthy इंसान के Blood के Contact में आता है तो उस Healthy इंसान में HIV के virus आने के Chance बहुत बढ़ जाते हैं। इसी कारण जब भी आप और हम blood donate करते हैं या blood receive करते हैं तब Donor के Blood का Sample लेकर पहले उसे Check किया जाता है।
  2. semen:- यदि कोई Male HIV positive है और वह किसी Male या Female के साथ Intercourse करता है तब उस Infected Person से HIV का Virus दूसरे Person में चला जाता है।
  3. infected blade Needle:-
  4. Vaginal fluid
  5. Mother to fetus
  6. Mother to Child

यहाँ यह बात ध्यान देने वाली है की Aids का Virus एक Person से दूसरे Person में केवल तभी जा सकता है जब Infected Person की Body से कोई Fluid किसी दूसरे Person की Body में जाय। यदि दो Person जिनमे से किसी एक को भी Aids नहीं है तो उन दोनों के बीच किसी भी Way से Body Fluid का transfer हो उन्हें Aids कभी नहीं होगा।

Aids And World

आज के समय में Aids एक world wide disease है। वर्ल्ड के लगभग सभी देशों में Aids एक Dangerous disease मानी जाती है। जिसकी वजह से हर साल लाखों लोगों को अपनी जान गवानी पड़ती है।
यहाँ हमने एड्स के patients की 2 lists तैयार की है जिसमे से पहली list में हमने ऐसी countries को रखा है जिनमे Aids के Patients सबसे ज्यादा हैं और दूसरी list में उन countries को रखा है जिनमे सबसे काम Aids Patients हैं।

Top 10 Country with Highest no. of aids Patients

  1. South Africa -7.1लाख
  2. Nigeria- 3.2लाख
  3. India- 2.1लाख
  4. Mozambique- 1.8लाख
  5. Kenya- 1.6लाख
  6. Uganda- 1.4लाख
  7. Tanzania- 1.4 लाख
  8. Zimbabwe- 1.3 लाख
  9. Zambia- 1.2 लाख
  10. United States- 1.1 लाख

Top 10 Country with Lowest no. of aids Patients

  1. Somalia- 100
  2. Fiji- 200
  3. Montenegro- 250
  4. Malta- 300
  5. Bosnia- 350
  6. Croatia- 1,500
  7. Albania- 1,700
  8. Lebanon – 2,200
  9. Barbados- 2,600
  10. Serbia- 2,700

Window Period of AIDS

HIV Virus के Body में Enter करने और Aids के Symptoms के show होने के बीच के Time को Window Period कहा जाता है।

कहने का मतलब है Aids का Virus जिस किसी भी way से हमारी Body में Enter करे Enter करने के बाद वह कुछ time के लिए हमारी Body में बिना कोई Symptoms show किये चुपचाप पड़ा रहता है। फिर कुछ time के बाद वह हमारी Body को Infect करना और अपने Symptoms show करता है। यही time, Window Period कहलाता है।

Body में Virus की entry होने और infection फ़ैलने में कभी-कभी काफी लम्बा time जैसे की 5-10 साल लग जाते है और कभी कभी सिर्फ कुछ months लगते हैं। Window Period का समय हर इंसान में अलग अलग हो सकता है।

यदि Window Period का time काम है तो यह थोड़ी रहत की बात हो सकती है लेकिन यदि Window Period का समय लम्बा है तो यह काफी Dangerous होता है।

लम्बे Window Period होने से patients को Aids की बीमारी होने का पता भी नहीं चलता और Aids का Virus HIV, अंदर ही अंदर Body के immune system को कमजोर करता रहता है। जिससे HIV Positive Patients की जल्दी Death हो जाती है।

एड्स का कारण 

एड्स रोग HIV के संक्रमण से होता है, HIV संक्रमित व्यक्ति जो HIV Positive हो या न हो, उसमें AIDS के लक्षण दिख रहे हों या न हों , ऐसे संक्रमित व्यक्ति के…

आमतौर पर लोग HIV Positive का मतलब AIDS होना समझते हैं पर ऐसा नही है । HIV positive होने के बाद 8-10 साल में पीड़ित की प्रतिरोधक क्षमता कम होती जाती है और वह अन्य बाहरी रोगों से ग्रस्त हो जाता है, इस स्थिति को AIDS कहते हैं ।

इन कारणों से HIV का संक्रमण हो सकता है –

  1. संक्रमित व्यक्ति से असुरक्षित यौन संबंध बनाने से।
  2. Infected मां से होने वाले बच्चे को।
  3. AIDS ग्रसित व्यक्ति को लगने वाले इंजेक्शन का उपयोग किसी और वव्यक्ति में फिर से करने पर।
  4. AIDS संक्रमित व्यक्ति से खून लेने या असावधानी पूर्वक देने से। मतलब रक्त के किसी भी प्रकार के आदान प्रदान करने से
  5. दाढ़ी करते समय , टैटू बनवाते समय या फिर कोई भी ऐसा काम करते समय जिसमें शरीर में छेद किया जाता है, खून के संपर्क में आने से संक्रमण की संभावना अधिक रहती है।
  6. AIDS ग्रसित मां के दूध से बच्चे को।

Aids & Myths

आज भी लोगों Aids के बारे में काफी कम knowledge है,जिसकी वजह से लोगों में बहुत से confusions होते हैं और लोग किसी भी अपफवाह(myths) में आसानी से भरोसा करने लगते हैं। ऐसे ही कुछ myths के बारे में नीचे बताया जा रहा जो अक्सर लोगों के दिमाग में HIV या Aids को लेकर होते हैं।

  • HIV Positive पर्सन से हाथ मिलाने, गले लगाने या चूमने से Aids फैलता है।
  • छींकने खांसने से Aids का Virus आपको इन्फेक्ट कर सकता है।
  • patient के साथ रहने या खाना खाने से Aids हो सकता है।
  • थूक या आंसू से HIV Infection का कोई खतरा नही है।

AIDS के लक्षण

Infected होने के शुरुआती लक्षण देखे जा सकते हैं-

  1. बार बार बुखार आना।
  2. लम्बे समय से सूखी खांसी होना।
  3. बहुत ज्यादा वजन घटना।
  4. रात को पसीना आना।
  5. याददाश्त कम होना।
  6. लम्बे समय से पतले दस्त।
  7. बार बार फंगल इंन्फेक्सन।

HIV के लिए TEST

HIV virus का पता लगाने के लिए बहुत से Tests लगाए जाते हैं जिनमे से कुछ Tests के नाम नीचे दी गई List में देख सकते हैं। इन Tests में से ELISA test सबसे ज्यादा उसे किया जाने वाला Test है जिसके बारे में हम Detail में बात करेंगे। आपके लिए बाकी सभी Tests के सिर्फ नाम जान लेना ही काफी है।

  • HIV1 & HIV2 test.
  • HIV Antigen Test.
  • CD 4 Test.
  • ELISA test.
  • Saliva Test.
  • Viral load Test.

Elisa Test

AIDS का उपचार 

AIDS के बारे में हम 1981 से जानते हैं लेकिन आज भी हमारे पास इस बीमारी के कोई भी Perfect इलाज न तो Medical Science के पास है और न ही हमारे आयुर्वेद के पास।

एड्स को पूरी तरह से खत्म करने की कोई दवा अभी भी Available नहीं है केवल AIDS से होने वाली Death को कुछ समय के लिए Post pond किया जा सकता है या Disease के Symptoms को कम किया जा सकता है।

  • AZT

कुछ सावधानियों का ध्यान रखा जाए –
अपने साथी के प्रति वफादार रहें। यदि नही तो बिना निरोध के अन्य/एक से अधिक व्यक्तियों से संबंध ना बनाएं।

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गोनोरिया – S.T.D.

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