चमगादड़ उल्टी क्यों लटकती हैं?

नमस्कार दोस्तों,
आप सभी ने चमगादड़ को तो देखा ही होगा, सामान्यतः हमें लगता है कि चमगादड़ खुले आसमान में उड़ सकती है तो वह एक पक्षी ही होगी, पर ऐसा नहीं है। चमगादड़ एक स्तनी जीव है, जो अंडे नहीं देती बल्कि सीधे अपने बच्चों को जन्म देती है। बच्चों को सीधे जन्म देने का गुण ही स्तनियों को अन्य जीवों से अलग करता है।

     चलिए अब हम अपने प्रश्न की तरफ आते हैं कि आखिर  चमगादड़ हमेशा उल्टी ही क्यों लटकती रहती है,  वह कभी भी हमें सीधी बैठी नहीं दिखाई देती जैसे की दूसरे पक्षी?

चमगादड़ की शारिरिक बनावट दूसरे पक्षियों से काफी अलग होती है, जैसे कि दूसरे पक्षी जब जमीन पर बैठे होते हैं तब वे आसानी से अपने पैरों पर जोर देकर तुरंत ही तेज गति से उडने में सक्षम होते हैं, पर चमगादड़ के पैर इतने मजबूत नहीं होते कि वे एक झटके में दूसरे पक्षियों की तरह उडान भरने सकें।
      इसके साथ ही चमगादड़ के पंख उडान भरते समय इतनी शक्ति पैदा नहीं कर सकते कि चमगादड़ के वजन को जमीन से जल्दी से उठा सकें जैसा कि एक हेलिकॉप्टर या दूसरे पक्षियों में देखने मिलता है।
     जब हम चमगादड़ को उल्टे लटकते हुए देखते हैं, तब हमें यह बात पता होनी चाहिए कि वह उल्टी लटकी हुई है इसका मतलब है कि वह तेजी से उडान भरने के लिए पूरी तरह से तैयार है। जो कि चमगादड़ को शिकारियों से अपनी सुरक्षा करने के लिए जरूरी है। यही कारण है कि चमगादड़ कभी भी जमीन पर नहीं उतरती
      इसके अलावा चमगादड़ में एक और खास बात होती है कि जब सारी दुनिया सोती है तब वह जागती है और दिन के समय जब सारी दुनिया जागती है तब वह सोती है।।
    जब चमगादड़ दिन के समय सोती है तब शिकारी उसका आसानी से शिकार कर सकते हैं, शिकारियों से बचाने के लिए ही चमगादड़ अपने रहने की जगह पुरानी इमारतों या गुफाओं में बनाती है, और हमें लगता है कि चमगादड़ जहाँ रहती है वहां भूत होते हैं।
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