डेंगू बुखार (Dengue fever in Hindi)

‘डेंगू बुखार’ एक ऐसी Disease है जिसकी वजह से हर साल लाखों लोग बीमार होते हैं,उनमे से कुछ लोगों की तो Death भी डेंगू के कारण हो जाती है। मच्छरों से होने वाली diseases में डेंगू बुखार एक Dangerous Diseases है। जिसके बारे में हम आज बात करने वाले हैं।

आज हम डेंगू बुखार से जुड़े हर एक topic को पूरी तरह से समझने की कोशिश करेंगे।

डेंगू बुखार के लक्षण की बात की जाए तो हम देखते हैं कि डेंगू विषाणु के द्वारा होने वाला बुखार है, जिसके चार मुख्य लक्षणों को रोगी व्यक्ति में देखा जा सकता है

डेंगू बुखार मुख्यत: उष्णकटिबंधीय और शीतोष्ण क्षेत्रों में पाया जाता है, जिसमें उत्तरी औस्ट्रेलिया भी शामिल है।

डेंगू बुखार 

डेंगू बुखार में डेंगू विषाणु एडीस एजीप्टाइ मच्छर के द्वारा काटने पर संचरित किया जाता है , सिर्फ मादा मच्छर ही इस विषाणु का संचरण करती है, यह मच्छर दिन के समय में काटने वाला मच्छर होता है।

घर के अंदर और बाहर दोनो ही जगहों में पाया जाता है, ये मच्छर सुर्योदय के बाद और सुर्यास्त के पहले अधिक सक्रिय अवस्था में पाए जाते हैं।

अन्य प्रजाति के मच्छर भी विषाणु का संचरण करते हैं, परन्तु औस्ट्रेलिया में अन्य प्रजाति का अस्तित्व नहीं है।

एडीस एजीप्टाइ मच्छर की प्रजाति घरों के अंदर और बाहर दोनों ही जगहों पर जहां गंदा पानी जमा होता हो। जहां ये मच्छर अंडे देते हैं उससे 200मीटर की दुरी पर ये नही पाये जाते, दलदली क्षेत्रों में ये अंडे नही देते हैं।

Dengue-symptoms

  1. डेंगू बुखार के लक्षण जो तुरंत दिखाई देते हैं, कुछ इस प्रकार हैं-::
  2. डेंगू बुखार में नियमित बुखार 3-7दिनो तक बना रहता है ।
  3. डेंगू बुखार में तेज सिर दर्द और आँखों मेंअंदरुनी दर्द होता है।
  4. मांसपेशियों और जोड़ों में अकड़न के साथ दर्द ।
  5. भूख कम लगना।
  6. उल्टी और दस्त।
  7. त्वचा में लालिमा।
  8. कई बार नाक से खुन आना भी पाया जाता है।
  9. इसके ठीक होने के कुछ समय बाद तक गहरी थकान और तनाव ( डिप्रेसन) बना रहता है।
  10. बार बार डेंगू बुखार होने से अधिक रक्त स्राव और आघात होता है, परन्तु उचित और सही समय पर इलाज किये जाने पर मृत्यु होने की संभावना को पुरी तरह रोका जा सकता है।

डेंगू Diagnosis

डेंगू बुखार का परीक्षण रक्त परीक्षण और रोगी के द्वारा बताए गए लक्षण के आधार पर किया जाता है।
मच्छर के काटने और लक्षण प्रकट होने के बीच का समय 3-10 दिन, सामान्यत: 4-7 दिन में लक्षण दिख जाते हैं।

संक्रमण काल-incubation Period

(वह काल जिसमें एक संक्रमित व्यक्ति के द्वारा दुसरे व्यक्ति को संक्रमण हो )

एक मच्छर तभी संक्रमित मच्छर बनेगा जब वह संक्रमित व्यक्ति को डेंगू बुखार की उपस्थिति में काटेगा। (इसका औसत समय 3-5 दिन है ) एक संक्रमित व्यक्ति को काटने के बाद मच्छर 8-12 दिनों तक संक्रमण फैलाने की क्षमता रखता है।

बिना वाहक, मतलब बिना मच्छर की सहायता के डेंगू बुखार, एक संक्रमित व्यक्ति से स्वस्थ व्यक्ति में नहीं फैलता है। इसके लिए मच्छर का होना जरूरी है😉।

Treatment of Dengue

इसके लिए किसी भी प्रकार की विशिष्ट एंटी वायरल (प्रति विषाणुजन) उपलब्ध नहीं है।

डेंगू बुखार और दर्द को सामान्यतया पैरासीटामॅाल देकर नियंत्रित किया जाता है, बजाय कि एस्प्रिन(aspirin)देकर।(एस्प्रिन रक्त स्त्राव को बढ़ाने का काहभम कर सकता है), और पेय पदार्थ अधिक मात्रा में लेना चाहिए।

एस्प्रिन(aspirin) किन्हीं भी 12 वर्ष तक के बच्चों को नहीं दिया जाना चाहिए, जब तक कि किसी डॅाक्टर के द्वारा ना कहा गया हो।

डेंगू-Prevention:

  • मानव को डेंगू बुखार के विषाणु (वायरस) से होने वाले संक्रमण से बचाने के लिए किसी प्रकार की औषधि नहीं है।
  • मच्छरों के काटने से बचाव ही मुख्य और कारगर उपाय है।अप्रत्यक्ष रुप से डेंगू बुखार के प्रभाव में आने से बचने का एकमात्र उपाय मच्छरों से बचना ही है।

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