पर्यावरण प्रदूषण (Environment Pollution in hindi)

आज हमारे सामने पर्यावरण प्रदूषण (environment pollution) एक बडी चुनौती है|
विश्व भर की सरकारें अरबों खर्च करने के बाद भी पर्यावरण प्रदूषण की समस्या को खत्म करने में fail हो चुकी हैं ।
इस article मे आज हम  आपको पर्यावरण प्रदूषण को details में  बात करने वाले हैं।

1.पर्यावरण प्रदूषण

(Environment pollution)

पर्यावरण में  होने वाले अनचाहे बदलाव प्रदूषण कहलाता है। “Undesirable change in environment”। या फिर सरल तरीके से हम कह सकते हैं कि पर्यावरण में होने वाले  नुकसानदायक बदलाव ही Pollution कहलाता है।


2. प्रदूषक (Pollutants)

प्रदूषण को फैलाने वाले कारक प्रदूषक या (pollutant) कहलाते हैं। कहने का मतलब है, कि कोई भी ऐसी चीज जिसकी मिलावट के कारण water, air, soil की quality में गिरावट आ जाती है, Pollutants कहलाते हैं।


3. Pollution के प्रकार

Mainly pollution 5 type के होते हैं। जिनके नाम हैं-
1. Air Pollution
2. Water pollution
3. Soil pollution
4. noise pollution
5. radioactive pollution 
noise pollution, radioactive pollution आज के समय में ज्यादा दिखाई दे रहे हैं साथ ही ये काफी गंभीर प्रभावी हैं।

1.1 Air Pollution

Definition-“unwanted changes in quality of air is called pollution”.

Air की quality में होने वाले ऐसे changes जिनके  बाद Air हमारे लिए useful नहीं रह जाती Air pollution कहलाता है। 


1.2 वायुप्रदूषक (Air Pollutants)

Air एक प्रकार  का gases का mixture है जिसमें N2,O2,Co2,he,Ar,Kr,He, etc गैस होती हैं। इन सभी को एक साथ Air कहते हैं। इन component के अलावा दूसरी हानिकारक गैस जैसे CO,So2 No2 CFC etc air pollutant कहलाते हैं।


  1.3 Cause-air pollution

1. जीवाश्म ईंधन (fossil fuels) का धुआं।
2. मोटर कार से निकलने वाला धुआँ।
3. ज्वालामुखी(volcano) से निकलने वाला धुआँ।
4. कारखाने (factory) से निकलने वाला धुआँ।
5. रेफ्रिजरेटर, Air conditioner, chemical reactions से निकलने वाली जहरीली gases.
इनके अलावा और भी बहुत से कारण हो सकते हैं जिन्हे आप जानते हैं।


1.4 Effect-Air Pollution

1. ozone hole का बनना।

2. asthma, allergy, और दूसरी बीमारी।

3. अम्ल वृष्टि (Acid rain)।

4. global warming का बढना।


1.5 वायु प्रदूषण-रोकने के उपाय

(prevention-Air pollution)

1. Govt के द्वारा कडे नियम लागू किए जाने चाहिए। और यदि कोई भी नियमों को तोडे तो उसे कडी सजा दी जानी चाहिए ।

2. car, motorcycle का कम से कम use किया जाए। साथ ही Public transport का use ज्यादा से ज्यादा किया जाय। ताकि कम से कम fossil fuels का use हो।

3. industry और factory को शहर से बाहर लगाना।

4. पुराने वाहनों को सडकों से हटाना और ज्यादा से ज्यादा वाहनों को electricity/C.N.G./L.P.G.में चलाना।

5. लोगों को उनकी जिम्मेदारी का एहसास करना और उन्हें जागरूक करना।

हमारा ऐसा मानना है कि 5th कारण ही सभी प्रकार के Pollution को रोकने के लिए सबसे कारगर साबित हो सकता है जो कि लोगों को जागरूक करना है ।


2.1 Water Pollution

Definition-“unwanted changes in quality of water”.
हमारी भाषा में कहा जाए तो “जल की गुणवत्ता में होने वाले नुकसानदायक बदलाव ही जल प्रदूषण कहलाता है”।


 2.2 जल प्रदूषक-water Pollutants

Water को pollute करने वाले प्रदूषक (Pollutants) कुछ harmful chemical सल्फ्यूरिक एसिड (H2S04), नाइट्रिक एसिड (Hno3) या भारी धातु (heavy metals)  जैसे कि पारा (Hg), केडमियम(Cd) या minerals जैसे फ्लोराइड क्लोराइड हो सकते हैं।


2.3 water pollution-cause

1. फैक्ट्रियों से निकलने वाले Chemical waste को सीधे नदियों में छोड़ देना.

2. नदियों में बिना Treatment के sewage water (नाले का पानी) को नदियों में मिला देना।

3. Acid rain का पानी water source में मिलना।

4. agriculture में fertiliser का बहुत ज्यादा use करना।

5. polythene जैसे non biodegradable waste को water में मिलाने से।


2.4 जल प्रदूषण-प्रभाव (Effects)

1. chemical से दूषित पानी पीने से गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। Hg- minimata. DDT- biomagnification.

2. polluted water के कारण water में रहने वाले Animal और Plant दोनों को भारी नुकसान होता है।

3. जब पानी Chemical waste से polluted होता है तब वह agricultural के use का नहीं रह जाता।

4. दूषित पानी में नहाने से allergy, irritations या Skin cancer भी हो सकता है।

(cancer के बारे में details में जाने)


2.5 जल प्रदूषण-रोकने के उपाय (prevention) 

1. लोगों को जागरूक कर और water की life में importance समझाकर।

2. सरकारी नियमों को कडाई से लागू कर।

3. chemical waste निकालने वाली factory को बंद कराकर या waste management plant से treatment के बाद ही water को नदियों में बहा कर।

4. agriculture में कम से कम fertiliser का और ज्यादा से ज्यादा bio-compost का use करके।

5. कीटनाशक (pesticides) का use कम करके।


3.1 मृदा प्रदूषण (Soil pollution)

Definition-“unwanted changes in quality of soil is called pollution”

मिट्टी की गुणवत्ता में होने वाले नुकसानदायक बदलाव को हम मृदा प्रदूषण (Soil pollution) कहते हैं।


3.2 मृदाप्रदूषक soil-Pollutants 

Soil pollution में मुख्यतः plastic जैसे non biodegradable element और agriculture में fertiliser और weedicides या Pesticides जैसे प्रदूषक (Pollutants) होते हैं।

3.3 soil pollution-cause

1. agricultural में use होने वाले Chemical से बने fertilisers.

2. मच्छरों और दूसरे insect को मारने वाले insecticide का बहुत ज्यादा use.

3. factory से निकलने वाले Chemical waste को खुली जगह में छोड़ देने से।

4. plastic, polythene जैसे non biodegradable waste को जमीन में dump करने से।


3.4 मृदा प्रदूषण-प्रभाव

(Soil pollution-Effect)

1. मिट्टी की fertility कम होना।

2. जमीन के रास्ते Chemical का नदियों में पहुंचना।

3. soil में रहने वाले लाभकारी bacteria, Fungus, insect जो कि मिट्टी की fertility बढ़ाते हैं उनकी कमि हो जाना।

4. किसान का मित्र (केंचुआ) की संख्या कम हो जाना।

5. मिट्टी की water holding capacity में कमि होना।


3.5 मृदा प्रदूषण-रोकने के उपाय (prevention)

1. plastic जैसे waste जो की आसानी से खत्म नहीं होते उनकी recycling कर दोबारा use करना।

2. कम से कम fertiliser का use करना।

3. waste management को बढावा देना।

4. वनों की तेजी से हो रही कटाई को रोकना।


4.1 ध्वनि प्रदूषण

(Noise Pollution)

Definition-“unwanted changes in quality and intensity of sound”.

सामान्य ध्वनि में दूसरी गैर जरूरी ध्वनि का मिलना या sound की गुणवत्ता 50DB(डेसीबल) से अधिक होना ध्वनि प्रदूषण कहलाता है।


4.2 noise pollution-cause

1. jet विमानों से पैदा होने वाली तेज आवाज।

2. factory में बडी machinery से निकलने वाली आवाज।

3. मोटर car के तेज Horn से।

4. पटाखों के जलाने से निकलने वाली तेज आवाज।

5. लाउड स्पीकर और बडे-बडे sound system से निकलने वाली आवाज।


4.3 ध्वनि प्रदूषण-प्रभाव

(Noise pollution-Effect)

1. लगातार तेज sound को सुनने से हमारी सुनने की क्षमता हमेशा के लिए damage हो सकती है।

2. तेज sound की वजह से irritations , और nature में चिड-चिडापन हो सकता है।

3. लगातार तेज sounds से mental ability में बडा negative असर देखने मिलता है।

4. तेज sound से high B.P. की समस्या होती है जो बाद में चलकर Heart attack का कारण भी बन सकता है।


4.4 ध्वनि प्रदूषण-Noise pollution-prevention

1. loud speakers को बजाने का समय निश्चित कर।

2. खराब quality के पटाखों का उपयोग कम कर।

3. school, hospital जैसे high density वाली जगह को NO Horn zone बनाकर।

4. गाडी मोटर वाहन में silencer का उपयोग कर।


Share

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *