विटामिन डी (Vitamin-D in Hindi)

हमारे आज के topic Vitamin-D in Hindi में हम आपके साथ बात करेंगे Vitamin-D के बारे में वो सारी बातें जो आप जानना चाहते हैं।

जैसे Vitamin -D की खोज कब और किसने इसके sources क्या हैं? हमारी Body में इसकी क्या Importance है?, और भी बहुत कुछ।

तो चलिए एक एक कर हम Vitamin-D से जुड़े आपके सवालों के जवाब देते हैं और उनके बारे में Detail में जानते हैं।

Vitamin-D की खोज कब और किसने की ?

1922 में Vitamin-D को Sir McCollum ने Identify किया इसके कुछ साल बाद 1925 में Vitamin-D3 की Discovery हुई।

Vitamin-D के कौन कौन से types हैं ?

जब हम Vitamin-D की Detail में बात करते हैं तब हमे इसके 2 Types के बारे में बात कर सकते हैं।

  • D2 – Ergocalciferol
  • D3 – Cholecalciferol

D2 – Ergocalciferol

नीचे दिखाई गई Images में आप Vitamin -D2 और Vitamin-D3 का structure देख सकते हैं दोनों Vitamin के Structure में बहुत ज्यादा Difference नहीं है लेकिन फिर भी ये दोनों एक-दूसरे बहुत अलग हैं।

  1. Ergocalciferol यानि की Vitamin D2 Plants में बनता है।

D3 – Cholecalciferol

  1. Cholecalciferol जिसे हम विटामिन D-3 क नाम से जानते हैं यह हमारी Skin (Epidermis) में सनलाइट में Present Ultra-Violet Rays की Help से बनता है।
  2. Cholecalciferol human के अलावा Fishes में भी काफी Rich Amount में बनता  है।

Vitamin-D का हमारी Body में Work क्या है?

  1. हमारी Body में Vitamin-D का सबसे Important काम है, हमारे खाये हुए खाने में से Calcium , Magnesium , Phosphate और दूसरे Important Minerals के Intestine में Absorption को बढ़ता है।
  2. इसके साथ-साथ Vitamin-D दूसरे Biological Effects भी Show करता है।

विटामिन डी का source क्या है?

यदि Source की बात की जाय तो यह विटामिन दूसरे विटामिन काफी अलग है। Vitamin-D ऐसा विटामिन है जो की हमारे खाने पीने की बहुत काम चीज़ों में ही मिलता है। जैसे- Milk, Fish.

Nature of Vitamin-D?

जैसे विटामिन A ,E,K Fat soluble हैं वैसे ही Vitamin-D भी Fat में Easily घुल जाता है। वहीँ विटामिन B और C दोनों ऐसे विटामिन हैं जो की वाटर में Soluble हैं।

Water Soluble और Fat Soluble विटामिन के बारे जाने।

हमारी बॉडी में Vitamin-D बनता कैसे है?

हम यह जानते हैं की Source के आधार पर Vitamin-D दूसरे विटामिन से काफी अलग है यह एक ऐसा विटामिन है जो की हमारी बॉडी में ही synthesis होता है।

दूसरे विटामिन के बारे में पढ़ें।

इसका निर्मांण sun से निकलने वाली Uv-Rays और हमारी Body खासकर हमारी स्किन में Present Cholesterol की आपस में होने वाली Reaction से होता है।

Vitamin-डी का दूसरा नाम Sunshine Vitamin है, ऐसा इसलिए क्यूंकि इस Vitamin के Formation में Sun Light का काफी Important Role है।

Vitamin-D हमारी बॉडी के किस Part में Store होता है?

जैसा की हमने आपको यह पहले ही बता चुका हैं की Vitamin-D एक Fat Soluble विटामिन की केटेगरी में आता है।

जो Fat Soluble विटामिन होते हैं वो Water soluble विटामिन के Comparison में Body में Store होने की ज्यादा Capacity रखते हैं।

हमारी skin और Muscles Vitamin-D के लिए एक Storage का काम करते हैं । Vitamin-D का कुछ Amount हमारे Blood में भी Store होता है।

Vitamin-D की कमी से कौन-कौन सी Disease हो सकती हैं ?

Rickets और Osteoporosis दो Main Diseases हैं जो की Vitamin-D की Deficiency के कारण होती हैं।

1.Rickets

आपको यह बीमारी खासकर बच्चों में देखने मिलेगी । जिसमे हाथ और पैर की Bones में कैल्शियम की कमी हो जाती है।

2.Osteoporosis

Osteoporosis की बीमारी होने पर हमारी बॉडी की Bones में जो Calcium और Phosphorus का Deposition है वह धीरे धीरे कम होने लगता है।

Critical Cases में इस बीमारी की वजह से Bones में Pore भी हो जाते हैं। यह बीमारी खासकर महिलाओं में और Old Age के लोगों में देखने मिलती है।

एक Study के हिसाब से हमारे India में हर 3rd Women को अक्सर कमर और घुटनो में दर्द बना ही रहता है।

ऐसा इस लिए है क्यूंकि हमारे India में आज भी Most of the वीमेन House Wife ही हैं जिसके कारण उन्हें बहार निकलने का मौका कम ही मिलता है और Sun के Direct Contact में ये Rare ही आती हैं और आप यह जानते है की Vitamin-D का Synthesis Sun से निकलने वाली Uv-Rays की Help से होता है।

इसकी कमी होने पर हमारी बॉडी में क्या क्या changes देखने मिलते हैं?

विटामिन-D की deficiency का कैसे पता लगाया जाता है?

विटामिन-डी की कमी के Symptoms दिखाई देने पर Doctors 25 -Hydroxy vit-D टेस्ट Suggest करते हैं।

जिसमे patient के Blood का कुछ Sample लिया जाता है और 25 -Hydroxy vit-D टेस्ट लगा कर विटामिन डी के ब्लड में Level पता किया जाता है।

यदि टेस्ट क बाद Blood में 20 nano gram/milliliter लीटर से कम क्वांटिटी पायी जाती है, तो इसे विटामिन-डी Deficiency मन जायेगा।

वहीँ यदि आपके ब्लड में 50 nano gram/milliliter के लगभग विटामिन Present है, तो आपको चिंता करने की जरुरत नहीं है आपको विटामिन डी की Deficiency नहीं है।

इस Article की मदद से आपने जाना की Vitamin-D की हमारी Body में क्या Importance है ? आगे आने वाली Post में आप दूसरे Vitamin के बारे में Details में जान सकते हैं । जिनके link नीचे दिए गए हैं।

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2 thoughts on “विटामिन डी (Vitamin-D in Hindi)”

  1. सौरभ जी, आपका बहुत अच्छा प्रयास है। मैने एजुकेशन पर हिंदी में ब्लॉग बहुत ही कम मिले है। मुझे आशा है कि आप इस ब्लॉग को बहुत आगे ले जाएंगे।

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