विश्व एड्स दिवस(विश्व एड्स दिवस )

 नमस्कार दोस्तों,
      आज है 1 दिसंबर और आज का दिन Scientific calendar का एक बडा दिन है। 1 दिसंबर को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WORLD HEALTH ORGANISATION) ने 1988 में विश्व एड्स दिवस घोषित किया।
     
      हर साल 1 दिसंबर को World AIDS day के रूप में मनाया जाता क्योंकि पूरे विश्व में जिन लोगों की एड्स के कारण मृत्यु हुई है उन्हें श्रद्धांजलि दी जा सके और लोगों को एड्स जैसी घातक बीमारी के बारे में बताया जा सके।    1 दिसंबर को World AIDS day के रूप में मनाने का एक और कारण है कि लोगों के बीच AIDS को लेकर खुलकर बात हो, जिससे लोगों तक AIDS की पुरी जानकारी पहुंचे और लोगों में जागरूकता पैदा हो।
      विश्व एड्स दिवस पर WHO के द्वारा हर साल एक theam और slogan release किया जाता है। 2017 की theam है Rights to health और slogan है everybody counts. 
   
     नीचे 1988 से 2017 तक की theam दी गई हैं।
 2017 Rights to health
 2016 Hands up for #HIV prevention
 2015 On the fast track to end AIDS
 2014 Close the gap
 2013 Zero Discrimination
 2012 Together we will end AIDS
 2011 Getting to Zero
 2010 Universal Access and Human Rights
 2009 Universal Access and Human Rights
 2008 Stop AIDS. Keep the Promise – Lead –                            Empower – Deliver
 2007 Stop AIDS. Keep the Promise – Leadership
 2006 Stop AIDS. Keep the Promise – Accountability   

2005 Stop AIDS. Keep the Promise
 2004 Women, Girls, HIV and AIDS
 2003 Stigma and Discrimination
 2002 Stigma and Discrimination
 2001 I care. Do you?
 2000 AIDS: Men Make a Difference
 1999 Listen, Learn, Live: World AIDS Campaign with Children & Young People
 1998 Force for Change: World AIDS Campaign With Young People
 1997 Children Living in a World with AIDS
 1996 One World. One Hope.
 1995 Shared Rights, Shared Responsibilities
 1994 AIDS and the Family
 1993 Act
 1992 Community Commitment
 1991 Sharing the Challenge
 1990 Women and AIDS
 1989 Youth
 1988 Communication

     1 दिसंबर को एड्स डे के अलावा भी कुछ देशों में AIDS को लेकर सरकार के द्वारा AIDS week मनाए जाते हैं जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों को एड्स के बारे में जानकारी मिल सके। जो लोग एड्स से पीड़ित हैं उनकी देखभाल की जाए और उन्हें समाज में तिरस्कार की भावना से न देखा जाए। 1993 में Russia के द्वारा एड्स की जागरुकता अभियान के दौरान एड्स स्टांप भी रिलीज किया जा चुका है ।
      
     एड्स से लड़ने के लिए हमें एकजुट होकर काम करने की जरूरत है, देश में बहुत से सरकारी और निजी क्षेत्र के संगठन एड्स की रोकथाम और लोगों में जागरूकता फैलाने का काम कर रहे हैं, हमें इन संगठनों से जुडकर अपना योगदान देना होगा जिससे हम एड्स मुक्त दुनिया कायम कर सकें। 
     2016 के WHO के आंकड़ों के अनुसार विश्व में लगभग 36 लाख 70 हजार लोग एड्स से पीड़ित हैं, जिनमें से 2 लाख 10 हजार लोग हमारे देश भारत से हैं।भारत में 10 लाख लोगों की एड्स के कारण मृत्यु हो चुुकी है। 

और जानें –

एड्स (Acquired Immuno Deficiency Syndrome)

गोनोरिया – एस.टी.डी. 

जननांग दाद (GENITAL HERPES) -STD

Sexually transmitted diseases -STD

 

Share

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *