हिन्दुत्व, विज्ञान और घंटा (bell)🔔

 हिन्दुत्व, विज्ञान और घंटा (bell)🔔 
नमस्कार दोस्तों आज हम बात करेंगे घंटा (bell) की जिसको आप आसानी से हमारे घरों और धार्मिक स्थलों में बहुत लंबे समय से देखते आ रहे हैं। 

यहां आप देख सकते हैं कि न केवल हिंदू बल्कि बौध ईसाई धर्म में भी घंटा बहुत महत्वपूर्ण है।

घंटा शब्द संस्कृत भाषा का शब्द है,  इसका आकार (size) और अाकृति (degine)  अलग-अलग हो सकती है।
    आखिर घंटे (bell) में एेसा क्या है जो कि हर घरों और मंदिरों में लगाया जाता है?
    सबसे पहले तो हम इसकी बनावट (degine) को देखें तो यह पंचधातु(five-metal) को मिलाकर बनाई गई आकृति है जो कि , तांबा (copper), चांदी (silver), सोना (gold), पीतल(brass)और  लोहा(iron) से बनी होती है, और इसे मंदिरों के मुख्य द्वार (entrance)पर लगाया जाता है।
तो दोस्तों अब हम बात करें वैज्ञानिक कारण की तो यहां आप सभी जानते हैं कि योग(yoga) में ऊँ शब्द का उच्चारण (pronounce) कितना महत्वपूर्ण है,  यह हमारे मस्तिष्क (brain) को एकाग्र करने का काम करता है। ठीक वैसे ही घंटा की ध्वनि(sound) low pitch की होती है, जो कि ऊँ शब्द की ध्वनि के समान होती है और वह हमारे मस्तिष्क (brain)  की एकाग्रता (concentration)  को बढाती है,
और हमारे मस्तिष्क के सभी भागों (parts) को काम करने के लिए उर्जा (energy)  देती है,
                    और आप यह तो जानते ही हैं कि उर्जा से भरा ( full filled energy)  और एकाग्र (concentrated)  मस्तिष्क आपके लिए कितना जरूरी है।
तो दोस्तों ये था घंटा (bell) का वैज्ञानिक महत्व।

धन्यवाद
।।जय हिंद जय भारत।। 
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