मोती कैसे बनता है?(Formation of Pearl in Hindi)

 मोती कैसे बनता है?

दोस्तों कई बार हमारे आसपास पास कुछ ऐसी चीजें देखते हैं जो कि बहुत ही Common होती हैं।

लेकिन बार-बार देखने के बाद भी हम उन चीजों के बारे में बहुत कम जानकारी रखते हैं।उनमें से एक है मोती जिसे Pearl भी कहा जाता है।

तो चलिए हम Pearl के बारे में जानने की कोशिश करते हैं कि- Pearl बनता कैसे है?

 


1. Pearl कहाँ मिलता है ?

आप सभी जानते हैं कि मोती यानी Pearl हमें समुद्र (Sea) से, बड़ी-बड़ी झीलों से मिलता है। लेकिन अब Pearl की खेती भी की जाने लगी है जिससे Pearl छोटे छोटे तालाबों (Pond) में भी मिलने लगा है।


2. कौन सा Animal, Pearl बनता है ?

Simple Way में हम कहते हैं कि खारे पानी (Marine Water) में रहने वाले Animal, Specially Mollusk,Pearl का Formation करते हैं।

Mollusk, Animal Kingdom का एक बडा Group है। जिसमें हजारों Animal आते हैं पर सभी Pearl का Formation नहीं करते। Pearl का Formation Specially Genus, Pinctada के Animal करते हैं।


3.Pearl Formation Species

अब हम यहाँ particular कुछ Animal के नाम जानते हैं जो कि Pearl Formation का काम करते हैं।
Pinctada Maxima.
Pinctada Margaritifera.
Pinctada Albino.
इनके अलावा 50+ और भी Species हैं जो कि Pearl बनाती हैं।


4. Scientific Classification of Pearl Oyster.
Kingdom – Animalia
Phylum –    Mollusca
Class –        Bivalvia
Order –       Pterioidea
Family –      Pteridae
Genus –      Pinctada

Species –    Albino/ Margaritifera/ Maxima


5. Pearl Oyster का Structure

Pinctada Genus (वंश) के जो Animal होते हैं उनकी Body बाहर से Solid होती है लेकिन अंदर से काफी Soft होती है।

Pinctada के Outer Part को Shell कहते हैं जो कि Proteins और Calcium का बना होता है। जैसा कि नीचे दी गई Image में दिखाया गया है।


6. मोती-निर्माण/Pearl-Formation

Pearl Formation की Process काफी Interesting है। Natural तरीके से Pearl Formation एक Protective Method है।

Oyster की Body में जब कोई Foreign Particle जैसे कंकड पत्थर By Chance अंदर चला जाता है तब Oyster अपनी Inner Body (Mantle) की Cell Stimulate (उत्तेजित) हो जाती हैं और Nacre नाम के Chemical का Secretion करने लगती है।

Nacre वही Chemical है जिससे Oyster अपनी Outer Shell का Formation करता है।

Oyster लगातार अंदर गये Particle के उपर Nacre का Secretion करते रहता है जिससे Oyster की Body और कंकड के बीच एक Protective Layer बन जाये।

Oyster इस Process को अपनी पूरी Life करता रहता है और उस कंकड के उपर Layers बनते रहती हैं। आखिर में जब Oyster की जब death हो जाती है तब हम Oyster से कंकड से बनेPearl को निकाल लेते हैं।


7. List of Commercial Pearl Oysters

नीचे list में कुछ High Commercial Value के Oyster के नाम और Place दिये गये हैं।
1. Gulf Pearl Oyster- Japan, Australia, Indo-Pacific
2. Black Lip Oyster – India, Fiji, Myanmar
3. Gold Lip Oyster – Australia, Fiji
4. White Lip Oyster- Myanmar, Australia, Fiji
5. Shark Bay Oyster – Australia
6. Akoya Oyster – China, Sri lanka, Australia, India.
उपर List देखकर आपको ये अंदाजा तो लग ही गया होगा कि Natural Pearl सबसे ज्यादा किस Country में मिलता है। – Australia.

एक बात यहाँ यह Important है कि Nacre का Secretion Oyster सिर्फ अपने Protection के लिए करता है लेकिन Oyster के इस काम की वजह से हमें Pearl मिल जाता है।

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