भारत का प्लास्टिक मेन-The Plastic-Man of India in Hindi

भारत का प्लास्टिक मेन

क्या आप जानते हैं भारत का प्लास्टिक मेन किसे कहा जाता है ? और क्यों कहा जाता है?

दोस्तों आज हम बात करेंगे एक एेसी Personality की जो कि एक Retired Chemistry Professor हैं। जिन्होंने Useless Plastic को Useful Plastic में बदल दिया।

73 साल के वैज्ञानिक Rajgopalan Vasudevan जिन्हें “The Plastic Man of India” के नाम से जाना जाता है।


1. About

Name– Rajgopalan Vasudevan
Place– Madurai
Education– P.hd
Work– Chemistry Professor
Specialty– Waste Management

Vasudevan ने Applied Chemistry के क्षेत्र में P.hd की है। P.hd करने के बाद उन्होंने Polytechnic College में 3 साल तक as a Professor काम किया।

इसके बाद Madurai City के Thiagarajar Engineering College join किया।

Vasudevan की Invention को और Waste Management के क्षेत्र में किये गये सराहनीय काम की वजह से 2003 में Retired होने के बाद भी उन्हे college का Dean बनाया गया।


2. Idea of Plastic Roads

बात है सन् 2002 की तब पहली बार Vasudevan ने सडक बनाने के एक Concept के बारे में जानकारी दी।

हम Vasudevan के Concept को 3 points में समझने की कोशिश करते हैं।

1. उन्होंने बताया कि Waste Plastic के 2mm Size के छोटे-छोटे टुकड़ों को Bitumen के साथ 170 Degree Celsius में पिघलाकर Mix किया जा सकता है।

2. Plastic और Bitumen के इस Mixture को जब Coal Tar में मिलाया जाता तब Plastic Bitumen और Coal Tar काफी मजबूती से लंबे समय के लिए जुड जाते हैं।

साथ ही यह Mixture एक अच्छा Water Resistance भी होता है।

3. यदि Plastic, Bitumen और Coal Tar के Mixture का Use सडक बनाने में किया जाए तो सडक की उम्र 10 गुना तक बढ़ाई जा सकती है।


3. Plastic Waste Management

Vasudevan कहते हैं – ये कोई बहुत ज्यादा Advance Technology नहीं है, यह काफी सस्ता और आसान तरीका है मजबूत सड़क बनाने का।

सन् 2006 में Vasudevan ने Road बनाने के इस Idea को Patent करवाया। लेकिन उन्होंने भारत सरकार को यह Technology Free of Cost दी।

भारत सरकार ने भी Vasudevan की खोज के महत्व को समझा और नवंबर 2015 से सभी कोलतार सडकों के निर्माण के लिए Bitumen के साथ Plastic को Mix करना जरूरी कर दिया।

इस प्रकार की 1K.m. सड़क बनाने के लिए 1 tonne (1000K.g.) प्लास्टिक की जरूरत होती है। मतलब की 1K.m. सड़क बनने से 10 लाख Plastic Carry Bags को dispose किया जा सकता है।

भारत में लगभग 41लाख K.m. सडकें हैं, यदि सभी सडकों को Vasudevan के Idea से बना दिया जाये।

तो हमारे देश के साथ-साथ आसपास के देशों के Plastic Waste कम पड़ जायेंगे जो कि Environment Protection के लिए एक अच्छा option है।


4. Composition of Plastic Roads

Bitumen Plastic Roads बनाने के लिए 1 हिस्सा Plastic का और 9 हिस्से Bitumen के मिलाए जाते हैं।

Vasudevan के Idea की यह Importance नहीं है कि जो सड़क बनी है वह दूसरी सड़कों से ज्यादा Durable है।

बल्कि यह है कि 1 K.m सडक बनाने से 10 लाख Plastic Carry Bags को dispose किया जा सकता है। Plastic जो कि पूरे world के लिए एक बहुत बड़ी problem है।


5. Other Inventions

Plastic Man Vasudevan की Bitumen Plastic Road के अलावा 2 और खोजें काफी important हैं
1. Corrosion-free roads
2. Plastone (Plastic + Stone) Flooring.


6. Plastic Road से गरीबों की मदद

Vasudevan कहते हैं “Plastic is Poor Man‘s Friend”.

इनके कहने का मतलब है कि जब से Plastic और Bitumen के Mixture वाली सडकें नहीं बनती थीं तब Plastic का कचरा उठाने वाले लोगों को 1 K.g. Plastic का बहुत कम पैसा मिलता था।

लेकिन जब से ये सडकें बनना शुरू हुई हैं तब से प्लास्टिक Waste को बेचने वाले गरीब लोगों की Income 5-6 गुना बढ़ गयी है।

पहले 1 K.g. Plastic की कीमत 50 पैसे होती थी, लेकिन अब 1 K.g. Plastic की कीमत 4-5 रूपये तक हो गई है।


7. पद्म श्री पुरस्कार

भारत सरकार ने Vasudevan के waste Management और Durable सड़क बनाने वाले Concept के लिए उन्हें पद्म श्री Award दिया है। पद्म श्री भारत का 4th सबसे बड़ा पुरस्कार है।

The Plastic Man of India-padma Shri Award

इसके अलावा Vasudevan को Science के क्षेत्र में सराहनीय काम करने के लिए A.P.J. Abdul Kalam Memorial Award भी दिया जा चुका है।


तो दोस्तों ये थी पूरी कहानी हमारे Plastic Man of India Rajgopalan Vasudevan जी की।

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